ल्यूकोवोरिन (Leucovorin) और ऑटिज़्म (Autism): माता-पिता के लिए एक आसान और सही जानकारी

अक्सर माता-पिता इंटरनेट पर ल्यूकोवोरिन, फोलेट की कमी या ‘FRAT टेस्ट’ के बारे में पढ़ते समय उलझन में पड़ जाते हैं। यह लेख रिसर्च पर आधारित है ताकि आपको सरल शब्दों में सही जानकारी मिल सके। कृपया ध्यान दें कि यह डॉक्टर की सलाह नहीं है; इलाज से जुड़ा कोई भी फैसला विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए।

फोलेट (Folate) क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?

फोलेट (विटामिन B9) एक बहुत ज़रूरी पोषक तत्व है जो दिमाग के विकास और उसके ठीक से काम करने के लिए आवश्यक है। यह मुख्य रूप से इन कामों में मदद करता है:

  • दिमाग का विकास।
  • भाषा और सीखने की क्षमता।
  • दिमागी कोशिकाओं के बीच तालमेल।

आसान भाषा में कहें तो फोलेट दिमाग के लिए ‘ईंधन’ (fuel) की तरह काम करता है। हम जो सप्लीमेंट्स या खाने में विटामिन लेते हैं, उसे शरीर को इस्तेमाल करने के लिए एक सक्रिय (active) रूप में बदलना पड़ता है।

समस्या कहाँ आती है?

ज्यादातर लोगों में यह प्रक्रिया सामान्य होती है, लेकिन कुछ बच्चों में फोलेट दिमाग तक सही से नहीं पहुँच पाता। हमारे दिमाग का एक सुरक्षा तंत्र होता है जिसे ‘ब्लड-ब्रेन बैरियर’ कहते हैं, और फोलेट एक खास रास्ते (फोलेट रिसेप्टर) के ज़रिए इसमें प्रवेश करता है। कुछ बच्चों में यह रास्ता ब्लॉक (बंद) हो जाता है, जिससे खून में फोलेट का लेवल सही होने के बावजूद दिमाग के अंदर इसकी कमी हो जाती है। इसे ‘सेरेब्रल फोलेट डेफिशिएंसी’ (cerebral folate deficiency) कहा जाता है।

ल्यूकोवोरिन (Leucovorin) क्या है?

ल्यूकोवोरिन फोलेट का एक सक्रिय रूप है। इसकी खास बात यह है कि:

  • यह दिमाग तक पहुँचने के लिए उस बंद रास्ते पर निर्भर नहीं रहता।
  • यह दूसरे रास्तों से दिमाग में प्रवेश कर सकता है।

वैज्ञानिकों ने ल्यूकोवोरिन का अध्ययन केवल उन बच्चों पर किया है जिनमें फोलेट की कमी के लक्षण दिखे, न कि सभी ऑटिज़्म वाले बच्चों पर। यह ऑटिज़्म का इलाज करने के लिए नहीं बनाया गया था, बल्कि इसका उद्देश्य फोलेट की कमी को दूर करना है, जो कभी-कभी ऑटिज़्म जैसे लक्षणों का कारण बन सकती है।

यह किस तरह मदद कर सकता है और किस तरह नहीं?

माता-पिता के लिए यह समझना ज़रूरी है कि इससे क्या उम्मीद रखनी चाहिए:

संभावित फायदे (केवल उन बच्चों के लिए जिनमें फोलेट की कमी है):

  • बातचीत करने और भाषा के विकास में सुधार।
  • ध्यान (attention) देने और जुड़ाव महसूस करने में सुधार।

यह क्या नहीं करता:

  • यह ऑटिज़्म का इलाज (cure) नहीं है।
  • यह ऑटिज़्म के डायग्नोसिस को खत्म नहीं करता।
  • यह हर बच्चे के लिए फायदेमंद नहीं है।
  • यह बच्चे की ज़रूरी थेरेपी या इलाज की जगह नहीं ले सकता।

माता-पिता के लिए ज़रूरी सुझाव

कोई भी फैसला लेने से पहले जाँच बहुत ज़रूरी है।

  1. FRAT टेस्ट: डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह दे सकते हैं जिससे पता चलता है कि क्या फोलेट को दिमाग तक पहुँचने में दिक्कत हो रही है। बिना इस जानकारी के ल्यूकोवोरिन शुरू करना सही नहीं है।
  2. विशेषज्ञ से मिलें: किसी न्यूरोलॉजिस्ट या विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें।
  3. खुद दवा न दें: बिना डॉक्टर की देखरेख के कोई भी सप्लीमेंट शुरू न करें।
  4. थेरेपी जारी रखें: दवा के साथ-साथ बच्चे की रेगुलर थेरेपी भी चलती रहनी चाहिए।

यह जानकारी अभी तक हुई रिसर्च पर आधारित है। जैसे-जैसे नई रिसर्च आएगी, सुझाव बदल सकते हैं। याद रखें, ल्यूकोवोरिन कोई शॉर्टकट या चमत्कार नहीं है, यह केवल एक मेडिकल विकल्प है जिसे सही जाँच के बाद ही अपनाना चाहिए।

Regards

Dr. Atul Madaan (Autism Expert)

MAAP, MBA, MPhil (Clin. Psy), PhD (Psy)

Operational Head & Clinical Psychologist – Care For Autism (CFA)

+91 8383 84 9217

www.autismspecialist.co.in

Autism Alliance – Parents First. Always.

📌 Ludhiana : 114, Green Field, Kochar Market Road, Near National Lab, +91 9646 44 3200


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